लखनऊ/चंदौली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन को और मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 19 सितंबर 2026 को प्रदेश के छह प्रमुख संगठनात्मक क्षेत्रों — पश्चिम, ब्रज, कानपुर, अवध, काशी और गोरखपुर — के लिए नए जिला प्रभारियों की सूची जारी कर दी है। इस घोषणा के साथ ही प्रदेशभर के 98 जिलों और महानगरों में संगठनात्मक ज़िम्मेदारियों का बंटवारा पूरा हो गया है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह नियुक्तियां "मिशन 2027" की रणनीति का हिस्सा हैं, जिसके तहत भाजपा हर जिले में संगठन को बूथ स्तर तक मज़बूत करने में जुटी है। जिला प्रभारियों को इस दौरान पार्टी की योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लागू करवाने, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाने और चुनावी तैयारियों की निगरानी करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
चंदौली को मिली मीना चौबे की कमान
स्थानीय स्तर पर सबसे बड़ी खबर यह है कि चंदौली जिले की संगठनात्मक ज़िम्मेदारी मीना चौबे को सौंपी गई है। चंदौली, वाराणसी से सटा हुआ पूर्वांचल का एक अहम जिला है, जो राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। आने वाले विधानसभा चुनाव में इस जिले पर पार्टी की खास नज़र रहेगी, ऐसे में जिला प्रभारी की नियुक्ति को स्थानीय
राजनीतिक हलकों में अहम माना जा रहा है।
काशी क्षेत्र की पूरी तस्वीर
चंदौली, वाराणसी, गाज़ीपुर, प्रतापगढ़, भदोई (भदोही), जौनपुर, मछलीशहर, सुल्तानपुर, अमेठी, प्रयागराज (महानगर, यमुनापार और गंगापार तीनों अलग-अलग), कौशांबी, मिर्ज़ापुर और सोनभद्र — ये सभी जिले काशी क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। इस पूरे क्षेत्र के लिए जारी सूची इस प्रकार है:
वाराणसी महानगर एवं जिला — अरुण पाठक (दोनों ज़िम्मेदारियां एक ही व्यक्ति को)
गाज़ीपुर — अजीत चौबे
प्रतापगढ़ — अवधेश गुप्ता
भदोई — समीर सिंह
जौनपुर — शंकर गिरी
मछलीशहर — दिनेश मौर्य
सुल्तानपुर — बृजभूषण सिंह
अमेठी — सुनील सिंह
प्रयागराज महानगर — राकेश त्रिवेदी
प्रयागराज यमुनापार — अनिल सिंह
प्रयागराज गंगापार — अशोक मिश्रा
चंदौली — मीना चौबे
कौशांबी — अमरनाथ यादव
मिर्ज़ापुर — भानु प्रताप सिंह
सोनभद्र — कौशलेन्द्र पटेल
गौरतलब है कि वाराणसी को छोड़कर बाकी सभी जिलों में महानगर और जिला दोनों के लिए अलग-अलग प्रभारी नियुक्त नहीं किए गए हैं, बल्कि जहां ज़रूरत महसूस हुई वहीं यह विभाजन किया गया है — जैसे प्रयागराज में तीन अलग-अलग इकाइयां बनाई गई हैं, जबकि छोटे जिलों में एक ही प्रभारी को पूरी ज़िम्मेदारी दी गई है।
अन्य क्षेत्रों पर एक नज़र
सिर्फ काशी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ब्रज, कानपुर और अवध क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर फेरबदल देखने को मिला है।
पश्चिम क्षेत्र में रामपुर की कमान मोहित बेनीवाल को, मेरठ महानगर की ज़िम्मेदारी अशोक मोंगा को और गाज़ियाबाद महानगर की कमान अशोक कटारिया को सौंपी गई है।
नोएडा महानगर के लिए डी.के. शर्मा को प्रभारी बनाया गया है, जो पहले भी संगठन में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।
ब्रज क्षेत्र में आगरा और मथुरा जैसे बड़े जिलों में महानगर और जिला दोनों स्तर पर अलग-अलग नियुक्तियां की गई हैं।
आगरा महानगर की कमान बृज बहादुर लोधी को, जबकि मथुरा महानगर की ज़िम्मेदारी पवन शर्मा को दी गई है।
कानपुर क्षेत्र में कानपुर महानगर को उत्तर और दक्षिण, दो हिस्सों में बांटा गया है — उत्तर की कमान अनिल यादव और दक्षिण की कमान प्रांशुदत्त द्विवेदी को सौंपी गई है। झांसी महानगर के लिए रंजना उपाध्याय को प्रभारी बनाया गया है।
अवध क्षेत्र में राजधानी लखनऊ की कमान त्रयम्बक त्रिपाठी को और अयोध्या जिले की ज़िम्मेदारी अनूप गुप्ता को दी गई है, जबकि अयोध्या महानगर के लिए शिवभूषण सिंह को प्रभारी नियुक्त किया गया है — दोनों ही धार्मिक और
राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र माने जाते हैं।
गोरखपुर क्षेत्र में गोरखपुर महानगर की कमान महेश शुक्ला को दी गई है, जबकि आज़मगढ़, मऊ और बलिया जैसे पूर्वांचल के अन्य अहम जिलों में भी नई नियुक्तियां हुई हैं।
जातीय समीकरणों का रखा गया ध्यान
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सूची को तैयार करते समय पार्टी ने प्रदेश के जातीय और सामाजिक समीकरणों का खास ख्याल रखा है। हाल के महीनों में पार्टी की टीम में ओबीसी वर्ग से जुड़े नेताओं की संख्या बढ़ाई गई है, वहीं अनुसूचित जाति वर्ग से भी उपयुक्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। यह रणनीति आने वाले चुनाव में सामाजिक समीकरणों को साधने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आगे क्या?
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नियुक्त किए गए सभी जिला प्रभारियों को जल्द ही अपने-अपने ज़िलों का दौरा करने और वहां संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा करने का निर्देश दिया जाएगा। इसके अलावा बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने, सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और आगामी चुनाव के मद्देनज़र रणनीति तैयार करने की ज़िम्मेदारी भी इन्हीं प्रभारियों पर होगी।
चंदौली जैसे जिलों में, जहां आगामी चुनाव में मुकाबला दिलचस्प रहने की उम्मीद है, मीना चौबे की नियुक्ति को स्थानीय कार्यकर्ता किस तरह लेते हैं और आने वाले महीनों में संगठनात्मक गतिविधियां किस दिशा में आगे बढ़ती हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।
(यह खबर पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक सूची पर आधारित है। जैसे-जैसे इस नियुक्ति को लेकर स्थानीय प्रतिक्रियाएं सामने आएंगी, चंदौली दर्पण इस पर अपडेट देता रहेगा।)
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