लेखक: Chandauli Darpan News | 25 अक्टूबर 2026, दोपहर 12:00 बजे Live Update
वाराणसी: भारतीय वायुसेना (IAF) के 94वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मोक्षनगरी काशी में आयोजित हुआ चार दिवसीय एयर शो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। 22 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 तक चले इस भव्य हवाई प्रदर्शन ने न सिर्फ भारतीय सेना की बढ़ती ताकत से दुनिया को रूबरू कराया, बल्कि धर्म और आधुनिकता के अद्भुत संगम का एक ऐसा नजारा पेश किया, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लाखों की भीड़ उमड़ पड़ी।
यह पहला मौका था जब देश के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों की गर्जना और गंगा आरती के शंखनाद की गूंज एक साथ सुनाई दी।
🚀 भव्य शुरुआत (Opening: 22 अक्टूबर): जब काशी के आसमान में गूंजी फाइटर जेट्स की हुंकार
22 अक्टूबर 2026 की सुबह वाराणसी के नमो घाट पर एक नया इतिहास रचने के साथ हुई। वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में इस चार दिवसीय रक्षा उत्सव की शुरुआत हुई।
ओपनिंग डे का मुख्य आकर्षण 'विंटेज और मॉडर्न युग' का मिलन था। शो की शुरुआत वायुसेना के गौरवशाली इतिहास को दर्शाने वाले पुराने विंटेज विमानों की धीमी और सुंदर उड़ान से हुई। इसके तुरंत बाद, स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस (Tejas) ने अपनी तेज रफ्तार से काशी के शांत आसमान को चीरते हुए उद्घाटन की औपचारिक घोषणा की। पहले ही दिन घाटों पर मौजूद हजारों दर्शकों ने भारत माता के
जयकारों के साथ आसमान छूते विमानों का स्वागत किया।
🛩️ मध्य चरण (23 - 24 अक्टूबर): रोमांच की पराकाष्ठा और हैरतअंगेज करतब
दूसरे और तीसरे दिन यह शो अपने पूरे शबाब पर पहुंच गया। इन दो दिनों में वायुसेना ने अपने फ्रंटलाइन लड़ाकू विमानों की पूरी ताकत का प्रदर्शन किया।
1. राफेल और सुखोई का शौर्य
भारत के सबसे खतरनाक लड़ाकू विमान राफेल (Rafale) और सुखोई-30 MKI ने गंगा की लहरों के ठीक ऊपर (लो-फ्लाईंग) आकर आसमान की तरफ 90 डिग्री पर सीधे उड़ान भरने का 'वर्टिकल चार्ली' स्टंट किया। विमानों की सुपरसोनिक रफ्तार के कारण होने वाले सोनिक बूम से पूरी काशी गूंज उठी।
2. सूर्यकिरण और सारंग का हवाई नृत्य
वायुसेना की विश्वप्रसिद्ध एरोबैटिक टीम 'सूर्यकिरण' के 9 हॉक जेट विमानों ने आसमान में एक-दूसरे से महज कुछ फीट की दूरी पर उड़ान भरते हुए हैरतअंगेज फॉर्मेशन बनाए। उन्होंने धुएं के जरिए आसमान में विशाल 'तिरंगा' बनाया। वहीं, चार एडवांस लाइट हेलीकॉप्टरों की 'सारंग' टीम ने हवा में 'डॉल्फिन लीप' और चक्कर काटते हुए अद्भुत संतुलन का प्रदर्शन किया।
3. गरुड़ कमांडोज का लाइव ऑपरेशन
शो का सबसे रोमांचक हिस्सा था वायुसेना के विशेष बल 'गरुड़ कमांडो' की मॉक ड्रिल। हवा में स्थिर खड़े Mi-17 हेलीकॉप्टर से महज 2 सेकंड के भीतर कमांडो रस्सी के सहारे गंगा की तेज लहरों के बीच चल रहे सैन्य क्रूज पर उतरे।
🏁 भव्य समापन (Grand Finale & Closing: 25 अक्टूबर): इतिहास के पन्नों में दर्ज हुई काशी
25 अक्टूबर 2026 को इस ऐतिहासिक एयर शो का सबसे बड़ा और अंतिम दिन था।
विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी: समापन समारोह को देखने के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 7 किलोमीटर लंबे रोड शो के बाद नमो घाट पहुंचे। उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। तीनों सेनाओं के प्रमुखों की मौजूदगी ने इस दिन को और गरिमामय बना दिया।
अंतिम दिन का रोमांच:
• 100 विमानों का महा-प्रदर्शन: आज आसमान में वायुसेना के करीब 100 विमान और हेलीकॉप्टर अपना शौर्य दिखा रहे हैं। राफेल, सुखोई-30 MKI, और स्वदेशी तेजस जैसे 52 लड़ाकू विमान गंगा नदी के ठीक ऊपर बेहद कम ऊंचाई पर तेज़ मोड़, वर्टिकल लूप और आसमान को चीरती हुई उड़ानें भर रहे हैं।
• हनुमान कॉल साइन और तिरंगा फॉर्मेशन: 'हनुमान' कॉल साइन के साथ सुखोई-30 MKI लो-लेवल एरोबैटिक करतब दिखा रहा है। सेना के 5 हेलीकॉप्टर एक विशेष फॉर्मेशन में हवा में तीन रंगों का धुआं छोड़ते हुए विशाल तिरंगा बना रहे हैं।
• 31 सांस्कृतिक फॉर्मेशन: महादेव, नटराज, कैलाश, और सारनाथ जैसी 31 सांस्कृतिक फॉर्मेशन काशी के आसमान में बनाई जा रही हैं।
• सुरक्षा: प्रयागराज और बरेली एयरबेस से सीधे कोऑर्डिनेट कर रहे फाइटर जेट्स ने नमो घाट के ऊपर फ्लाईपास्ट किया। गंगा पार रेती पर No-Go Zone, 1 KM तक
Signal Jammer और Anti-Drone सिस्टम सक्रिय रहा। 🌍 नमो घाट: आयोजन का वैश्विक केंद्र
यूं तो यह एयर शो वाराणसी के सभी 84 घाटों (अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक) से दिखाई दे रहा था, लेकिन इसका मुख्य केंद्र नमो घाट (खिड़किया घाट) रहा। नमो घाट की आधुनिक बनावट और वहां बने विशाल 'नमस्ते' के स्कल्पचर्स के ऊपर से जब फाइटर जेट्स गुजरे, तो वह तस्वीरें सोशल मीडिया पर पूरी दुनिया में वायरल हो गईं।
चार दिनों में लगभग 25 से 30 लाख से अधिक पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने इस शो का लाइव आनंद लिया। चंदौली के कटेसर और सुजाबाद घाटों से भी हजारों लोगों ने इस ऐतिहासिक नजारे को देखा।
Live Update - 25 Oct, 12:00 PM
इस समय नमो घाट पर मेगा फाइनल राउंड चल रहा है। अलकनंदा और नमो घाट का पूरा इलाका दर्शकों से खचाखच भरा हुआ है और लोग धूप की परवाह किए बिना इस ऐतिहासिक पल को अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं।
🔴 FINAL CLOSING REPORT - 25 Oct, 3:30 PM - Air Show का आधिकारिक समापन!
वायुसेना के इस ऐतिहासिक शक्ति प्रदर्शन के संपन्न होने के बाद अब शहर में धीरे-धीरे ट्रैफिक व्यवस्था को सामान्य किया जा रहा है।
1. नमो घाट पर VVIP Movement - PM Modi का पूरा Schedule • PM मोदी की मौजूदगी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर के सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में नमो घाट पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। • PM का पूरा Schedule: पीएम मोदी मिर्जामुराद में औद्योगिक यूनिट (नई गारमेंट फैक्ट्री) का उद्घाटन करने के बाद हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन आए और वहां से सीधे नमो घाट पहुंचे। एयर शो का पूरा आनंद लेने के बाद वे दोपहर 3:35 PM पर बाबतपुर एयरपोर्ट से भुवनेश्वर के लिए रवाना हो गए। • 300 महिला कर्मचारियों से गुप्त मुलाकात: एयर शो देखने नमो घाट पहुंचने से ठीक पहले, PM Modi ने मिर्जामुराद क्षेत्र में नई गारमेंट फैक्ट्री में पर्दे के पीछे काम करने वाली लगभग 300 से अधिक स्थानीय महिला कर्मचारियों से बेहद अनौपचारिक तरीके से मुलाकात की और उनके अनुभवों को सुना।
2. दोपहर 1:30 PM के बाद का हवाई रोमांच - Final Session • राफेल और सुखोई की फाइनल गर्जना: दोपहर के सत्र (1:30 PM - 2:00 PM) में सुखोई-30 MKI और राफेल जेट्स ने गंगा की लहरों के ठीक ऊपर आकर आसमान को चीरते हुए वर्टिकल उड़ान भरी, जिसने VVIP लाउंज से लेकर घाटों पर मौजूद लाखों दर्शकों को रोमांचित कर दिया। • सूर्यकिरण का क्लोजिंग फॉर्मेशन: सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के 9 जेट विमानों ने आसमान में बेहद करीब से क्रॉसिंग स्टंट (सिंक्रोनस मैनुवर) करते हुए तिरंगा धुएं का फॉर्मेशन बनाया, जिसके साथ ही इस चार दिवसीय शो का आधिकारिक समापन हुआ। • गरुड़ कमांडोज की लाइव ड्रिल: हवा में मंडराते Mi-17 हेलीकॉप्टर से गरुड़ स्पेशल फोर्स के जांबाज कमांडो रस्सी के सहारे गंगा में तैरते सैन्य क्रूज पर उतरे, जिसे देखकर खुद प्रधानमंत्री मोदी ने वायुसेना के शौर्य को सैल्यूट किया।
3. भीड़ और सुरक्षा का ताजा अपडेट - Total Lockdown! • घाटों पर उमड़ी 25 लाख की भीड़: आखिरी दिन और रविवार होने के कारण अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक लगभग 20 से 25 लाख लोग इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। एयर शो खत्म होने के बाद दोपहर 3:00 बजे के बाद से ही शहर के प्रमुख मार्गों (खासकर नमो घाट और राजघाट मार्ग) पर पैदल चलने वालों और वाहनों का भारी दबाव देखा जा रहा है।
• 12,000 सुरक्षाकर्मी और Anti-Drone: VVIP Movement के दौरान सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर 12,000 सुरक्षाकर्मी तैनात रहे और ड्रोन रोधी प्रणालियां पूरी तरह एक्टिव रहीं।
• नमो घाट का Total Lockdown और No-Go Zone: आज सुबह से ही नमो घाट के फेज-1 और फेज-2 दोनों हिस्सों को पूरी तरह सील कर दिया गया था। आम जनता को वहां फटकने तक की अनुमति नहीं थी। केवल विशेष आमंत्रितों, चुनिंदा मीडियाकर्मियों और VVIP Delegates को ही कड़ी सुरक्षा जांच के बाद एंट्री दी गई।
• Secret Anti-Drone और Signal Blockers: प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री की एक साथ मौजूदगी के कारण पूरे नमो घाट क्षेत्र में अत्यधिक संवेदनशील Anti-Drone Radar सक्रिय रखे गए थे। दोपहर के शो के दौरान Signal Blockers का इस्तेमाल हुआ, जिससे वहां मौजूद कई लोगों के फोन नेटवर्क कुछ समय के लिए पूरी तरह ठप हो गए थे।
• Prayagraj और Bareilly से Direct Coordination: सुखोई-30 MKI और राफेल जैसे बड़े लड़ाकू विमानों ने बाबतपुर लोकल रनवे का इस्तेमाल करने के बजाय सीधे प्रयागराज (Central Air Command) और बरेली एयरबेस से Coordinated उड़ान भरी। जैसे ही उनका Time Slot आया, वे सीधे काशी के Airspace में दाखिल हुए और करतब दिखाकर वापस अपने Base लौट गए।
• गंगा पार (रेती) की बैरिकेडिंग - Chandauli Border: हर बार देव दीपावली या बड़े आयोजनों में लोग नावों से गंगा पार रेती (Chandauli Border की तरफ) चले जाते हैं। लेकिन आज सुरक्षा विंग के Input के बाद गंगा पार के पूरे रेती वाले हिस्से को पुलिस ने खाली करा दिया था ताकि PM के मुख्य मंच के ठीक सामने कोई भी अनधिकृत गतिविधि न हो सके।
चार दिवसीय Wings Over Ganga Air Show का आज आधिकारिक समापन हो गया। काशी ने एक नया इतिहास देखा।
0 Comments