चंदौली/वाराणसी। काशी में पहली बार होने जा रहा भारतीय वायुसेना का मेगा एयर शो अब अपने अंतिम पड़ाव पर है।
22, 24 और 25 अक्टूबर को वाराणसी के गंगा घाटों के आसमान में वायुसेना के लड़ाकू विमान अपना पराक्रम दिखाएंगे। इस ऐतिहासिक पल का सबसे शानदार नजारा चंदौली की तरफ के गंगा घाटों से दिखाई देगा, जिसके लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है।
प्रशासन द्वारा लोक निर्माण विभाग (PWD) को दिए गए 72 घंटे के अल्टीमेटम का समय आज शाम समाप्त हो रहा है। इसके तहत चंदौली के व्यास घाट, बटेश्वर घाट और अन्य प्रमुख घाटों पर चल रहे निर्माण कार्यों को युद्ध स्तर पर अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिलाधिकारी नचिकेत सुहाने त्रिपाठी खुद हर 12 घंटे में काम की प्रगति रिपोर्ट ले रहे हैं।
क्या-क्या काम हो रहा है घाटों पर?
PWD के अधिकारियों के अनुसार, घाटों पर तीन तरह के काम चल रहे हैं। पहला, दर्शकों के बैठने के लिए सीढ़ियों की मरम्मत और लेवलिंग। दूसरा, वीआईपी और मीडिया के लिए अलग-अलग एनक्लोजर बनाना। तीसरा, घाटों तक पहुंचने वाली सड़कों की मरम्मत और चौड़ीकरण। पिछले दो दिनों से 150 से अधिक मजदूर और 10 जेसीबी मशीनें दिन-रात काम में लगी हैं। घाटों पर लाइटिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब फिनिशिंग का काम चल रहा है।
सुरक्षा और पार्किंग का मास्टर प्लान
भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन ने इस बार अभूतपूर्व प्लान बनाया है। पूरे मेला क्षेत्र को 10 सेक्टरों में बांटा गया है। हर सेक्टर में एक सेक्टर मजिस्ट्रेट, 2 पुलिस इंस्पेक्टर और 20 कांस्टेबल तैनात रहेंगे।
पार्किंग के लिए 25 लोकेशंस चिन्हित की गई हैं। चंदौली की तरफ आने वाले लोगों के लिए रामनगर, डीएलडब्ल्यू और विश्व सुंदरी पुल के पास बड़ी पार्किंग बनाई गई है। हर पार्किंग से घाट तक पहुंचने के लिए ई-रिक्शा की निशुल्क व्यवस्था रहेगी।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए 15 वॉश टावर्स बनाए गए हैं। हर टावर पर 4-4 सीसीटीवी कैमरे और पब्लिक एड्रेस सिस्टम वाले लाउडस्पीकर लगाए गए हैं, जिसकी निगरानी एक सेंट्रल कंट्रोल रूम से होगी। नदी में किसी भी हादसे से निपटने के लिए NDRF की 2 टीमें और SDRF की 3 टीमें मोटर बोट के साथ 24 घंटे मुस्तैद रहेंगी। जल पुलिस के गोताखोर भी तैनात किए गए हैं।
एयर शो में सुखोई-30, मिराज-2000 और सूर्य किरण एरोबेटिक टीम करतब दिखाएगी। प्रशासन का दावा है कि इस बार 5 लाख से अधिक लोग इस शो के गवाह बनेंगे।
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