अन्नदाताओं के लिए एक राहत भरी और बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। कृषि के क्षेत्र में अपनी खास पहचान रखने वाले धान का कटोरा कहे जाने वाले चंदौली जिले में आगामी खरीफ विपणन वर्ष के तहत धान खरीद की तैयारियों को अभी से ही अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस बार किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा या समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए क्रय केंद्रों पर सभी जरूरी और मूलभूत व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि पिछले वर्षों की कमियों को दूर किया जा सके।
कब और कैसे शुरू होगी प्रक्रिया?
शासन की ओर से तय किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों की तरह ही चंदौली में भी धान खरीद के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सामान्यतः यह पूरी प्रक्रिया निर्धारित तिथियों पर शुरू होती है, जिसके तहत धान कटाई के सीजन को देखते हुए केंद्रों पर व्यवस्थाएं समय से पहले पुख्ता की जा रही हैं। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों और क्रय केंद्र प्रभारियों को चेताया है कि केंद्र समय पर सक्रिय हो जाएं, ताकि किसानों को अपनी फसल कटने के तुरंत बाद उसे बेचने के लिए भटकना न पड़े और वे बिचौलियों के चंगुल से बच सकें।
क्रय केंद्रों पर क्या-क्या होंगी सुविधाएं? (कहाँ और कैसी व्यवस्था)
प्रशासनिक बैठकों और निर्देशों में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि केंद्रों पर आने वाले किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं:
इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनें: सभी धान क्रय केंद्रों पर उच्च गुणवत्ता वाली और कैलिब्रेटेड इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनें लगाई जाएंगी, ताकि तौल में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या हेरफेर की कोई गुंजाइश न बचे।
पेयजल और छांव की व्यवस्था: मंडियों और क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए शुद्ध पेयजल, बैठने के लिए छांव (टेंट या शेड) की मुकम्मल व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तेज धूप या मौसम की अन्य दिक्कतों से किसानों को बचाया जा सके।
बारदाना (बोरियों) की उपलब्धता: किसानों से खरीद के समय बोरियों की कमी न पड़े, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में बारदाने का भंडारण अभी से सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि केंद्र पर पहुंचते ही किसानों का धान बिना किसी देरी के तौला जा सके।
पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और डिजिटल व्यवस्था पर जोर
शासन और जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बिचौलियों और आढ़तियों की भूमिका को पूरी तरह से समाप्त करना और पारदर्शी तरीके से किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब दाम दिलाना है। इस बार धान खरीद की पूरी प्रक्रिया को और अधिक आधुनिक बनाया गया है:
अनिवार्य ऑनलाइन पंजीकरण: किसानों को अपनी फसल सरकारी समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने के लिए खाद्य एवं रसद विभाग के आधिकारिक पोर्टल (fcs.up.gov.in) पर अपना पंजीकरण या नवीनीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। इसके बिना केंद्र पर खरीद संभव नहीं होगी।
पारदर्शी सत्यापन: खतौनी, आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कागजी कार्रवाई में अनावश्यक देरी न हो।
समय पर सीधा भुगतान (Direct Bank Trust - DBT)
किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि उनके द्वारा बेचे गए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का भुगतान सीधे उनके सत्यापित बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजा जाएगा। सरकार की मंशा है कि किसानों को भुगतान के लिए हफ्तों इंतजार न करना पड़े और तय समय-सीमा के भीतर सीधे उनके खाते में पैसे ट्रांसफर किए जाएं, जिससे बिचौलियों या एजेंटों द्वारा पैसे काटने जैसी शिकायतों पर पूरी तरह लगाम लग सके।
स्थानीय किसानों में जगी उम्मीद और प्रशासन की अपील
चंदौली के किसानों ने प्रशासन की इन तैयारियों का स्वागत किया है। किसानों का कहना है कि यदि ये सारे दावे और निर्देश कागजों की बजाय धरातल पर पूरी ईमानदारी से उतरे, तो उन्हें अपनी उपज का सही मूल्य समय पर मिल सकेगा और मंडियों में धक्के नहीं खाने पड़ेंगे।
जिला प्रशासन ने जनपद के सभी अन्नदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़भाड़ से बचने के लिए समय रहते अपना ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करवा लें। साथ ही, किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत होने पर किसान सीधे जिला खाद्य विपणन अधिकारी कार्यालय या संबंधित केंद्र प्रभारी से संपर्क कर सकते हैं। 'चंदौली दर्पण न्यूज़' इस पूरी व्यवस्था पर लगातार जमीनी स्तर से नजर बनाए रखेगा ताकि हर एक किसान तक उसकी हक की सुविधा पहुंच सके।
0 Comments