लखनऊ | 2 नवंबर 2026: उत्तर प्रदेश में मिशन 2027 को लेकर लखनऊ में हुई भाजपा की दो दिवसीय महाबैठक प्रदेश कार्यसमिति से कई बड़ी अंदरूनी और रणनीतिक खबरें सामने आई हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया है कि यूपी में योगी आदित्यनाथ का कोई विकल्प नहीं है और कार्यकर्ताओं को अपनी नाराजगी गोमती में फेंक कर बूथ पर अंगद की तरह पैर जमाने को कहा है। दिवाली के बाद पीएम मोदी, अमित शाह और नितिन गडकरी 18 मंडलों में महारैली करेंगे। चंदौली दर्पण पर पढ़ें 5 एक्सक्लूसिव अंदर की बात।
1. नेतृत्व पर अमित शाह का स्पष्ट संदेश - योगी का कोई विकल्प नहीं
अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक में साफ कर दिया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ का कोई विकल्प नहीं है।
पिछले कुछ महीनों से कुछ नेताओं में चर्चा थी कि एमएलसी या अन्य टिकट न मिलने से कुछ नेता नाराज चल रहे थे। कुछ जगह पर योगी और संगठन के बीच मतभेद की खबरें भी उड़ रही थीं।
अमित शाह ने इन सब अफवाहों पर फुल स्टॉप लगा दिया। उन्होंने कहा कि 2017 और 2022 में योगी के नेतृत्व में ही बीजेपी ने रिकॉर्ड बहुमत पाया है और 2027 में भी योगी ही चेहरा होंगे। कोई भी नेता या कार्यकर्ता इस पर सवाल न उठाए।
शाह ने कहा कि नेतृत्व पर कोई चर्चा नहीं होगी, सिर्फ जीत पर चर्चा होगी।
2. नाराजगी गोमती में फेंक आएं - शाह का सख्त संदेश
बैठक में सबसे चर्चित बयान था अमित शाह का दो टूक अंदाज।
शाह ने कहा कि कार्यकर्ता अपनी हर तरह की निजी या आंतरिक नाराजगी को लखनऊ की गोमती नदी में बहाकर आएं और बूथों पर अंगद की तरह पैर जमा लें।
उनका इशारा उन नेताओं की तरफ था जो एमएलसी, राज्यसभा या अन्य संगठन के पद न मिलने से भीतर ही भीतर नाराज चल रहे थे और अपने क्षेत्र में सक्रिय नहीं थे।
शाह ने साफ कहा कि अब आपसी कलह को भूलकर पूरी ताकत सिर्फ 2027 फतह करने में लगानी है। अगर किसी को टिकट या पद नहीं मिला है तो उसकी नाराजगी व्यक्तिगत है, पार्टी से बड़ी नहीं है।
उन्होंने कहा कि गोमती में नाराजगी फेंक कर आओ और 2027 तक सिर्फ कमल खिलाने का काम करो।
इस बयान के बाद बैठक में बैठे कई नाराज नेताओं के चेहरे उतर गए और सबने एक सुर में योगी के नेतृत्व में 2027 लड़ने का संकल्प लिया।
3. मेगा रैलियों का बड़ा प्लान - 18 मंडलों में मोदी, शाह, गडकरी
दिवाली के तुरंत बाद केंद्रीय नेतृत्व यूपी में मोर्चा संभालने जा रहा है।
अंदरूनी योजना के मुताबिक, पीएम मोदी, अमित शाह और नितिन गडकरी उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडलों कमिश्नरेट में बड़ी रैलियां करेंगे।
योजना ये है कि हर मंडल में एक बड़ी रैली हो जिसमें पीएम मोदी या अमित शाह खुद आएं। नितिन गडकरी विकास के मुद्दे पर हाईवे और एक्सप्रेसवे के काम गिनाएंगे।
पूर्वांचल के लिए वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़ मंडल में पीएम मोदी की रैली तय है। पश्चिम यूपी के लिए मेरठ, बरेली, मुरादाबाद में अमित शाह।
हर रैली में 2 लाख से ज्यादा भीड़ जुटाने का लक्ष्य है। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को अभी से भीड़ लाने की जिम्मेदारी दी गई है।
ये रैलियां नवंबर के अंत से शुरू होंगी और मार्च 2027 तक चलेंगी।
4. सपा के PDA फॉर्मूले की काट और माइक्रो मैनेजमेंट
विपक्ष विशेषकर समाजवादी पार्टी के जातीय और क्षेत्रीय नैरेटिव का मुकाबला करने के लिए बीजेपी ने मेगा माइक्रो मैनेजमेंट प्लान तैयार किया है।
सपा का PDA फॉर्मूला पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक अब यूपी में चर्चा में है। इसको काटने के लिए बीजेपी ने बूथ स्तर पर नया प्लान बनाया है।
इसके तहत हर बूथ स्तर पर 50-50 परिवारों से सीधे संपर्क साधने की योजना है। हर कार्यकर्ता को 50 परिवारों की लिस्ट दी जाएगी जिसमें उनके नाम, फोन नंबर, जात और पेशा लिखा होगा।
पेशेवर और कारोबारी समूहों को जोड़ने की खास जिम्मेदारी तय की गई है। जैसे डॉक्टर, वकील, व्यापारी, शिक्षक, किसान संघ इन सबको अलग अलग मोर्चा पर जोड़ा जाएगा।
हर बूथ पर एक व्हाट्सएप ग्रुप बनेगा जिसमें 50 परिवार के मुखिया होंगे। उस ग्रुप में रोज विकास के काम और सरकार की योजना भेजी जाएगी।
बीजेपी का मानना है कि PDA का जवाब सिर्फ माइक्रो मैनेजमेंट से ही दिया जा सकता है।
5. UCC का बड़ा दांव - तीसरी बार सरकार बनी तो UCC लागू
अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी संकेत दिया है कि यदि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार रिकॉर्ड बहुमत से बीजेपी की सरकार बनती है, तो राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड UCC को पूरी तरह लागू किया जाएगा।
बैठक में कहा गया कि उत्तराखंड में UCC लागू हो चुका है और यूपी में भी इसकी तैयारी है। कानून का ड्राफ्ट लगभग तैयार है।
शाह ने कहा कि UCC से सभी धर्मों के लिए एक ही कानून होगा और ये देश की एकता के लिए जरूरी है।
इस मुद्दे को 2027 के चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाया जाएगा। बीजेपी कार्यकर्ताओं को कहा गया है कि गांव गांव जाकर UCC के फायदे बताएं।
निष्कर्ष: लखनऊ की इस दो दिवसीय महाबैठक ने साफ कर दिया है कि बीजेपी 2027 का चुनाव योगी के चेहरे पर ही लड़ेगी और इस बार बूथ स्तर तक माइक्रो मैनेजमेंट से जीत हासिल करेगी। ऐसी ही अंदर की खबरों के लिए www.chandaulidarpannews.in पर बने रहें।
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